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Saturday, January 14, 2012

आज का जीवन सूत्र-१४-१-२०१२

आज का जीवन सूत्र-१४-१-२०१२ 
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संसार न अच्छा है और न बुरा है ! संसार वैसा ही है जैसा आप सोचते हैं !
परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

Friday, January 13, 2012

: आज का विचार -13/1/12



---------- Forwarded message ----------
From: vjm na <vjmna@hotmail.com>
Date: 2012/1/13
Subject: आज का विचार - 1/12/12
To: vjmna@hotmail.com


सुख मिलता है हर काम समय से करने से। रोज का काम रोज निपटाइए । 

 
परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

 

Joy is to do everything in time. Finish each day's task daily.

Translated by Humble Devotee

Praveen Verma




आज का जीवन सूत्र-१३-१-२०१२

आज का जीवन सूत्र-१३-१-२०१२ 
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कायरता मनुष्य के पास नहीं होती वह सीख लेता है !

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

Thursday, January 12, 2012

आज का जीवन सूत्र-१२-१-२०१२

आज का जीवन सूत्र-१२-१-२०१२ 
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मन बुरा नहीं है ,इसे सुन्दर अभाव से सजाइए ,
यही मन महानता की ओर ले जायेगा !

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज

आज का विचार - 12/1/12



---------- Forwarded message ----------
From: vjm na


सुख मिलता है सादगी से, सुख मिलता है शांति से, सुख मिलता है कुदरत के निकट रहने से
 
और सुख मिलता है हँसते हँसाते गाते गुनगुनाते रहने की आदत से।

 

परम पूज्य सुधांशुजी महाराज


Joy is in simplicity; joy is in peace; joy is
 
in being close to nature; 
 
and joy is also in having the habit of 

laughing and making others laugh.
 
Translated by Humble Devotee
Praveen Verma
 
 


Fwd: [Vishwa Jagriti Mission ( World Awakening Mission)] अथ शिवपञ्चाक्षरस्तोत्रम्



---------- Forwarded message ----------
From: Ramesh Kumar Mishra Mishra


अथ शिवपञ्चाक्षरस्तोत्रम् नागेन्द्रहाराय...
Ramesh Kumar Mishra Mishra 11 January 20:30
अथ शिवपञ्चाक्षरस्तोत्रम्



नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय भस्माङ्गरागाय महेश्वराय ।

नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय तस्मै नकाराय नम:शिवाय ॥ 1 ॥



मंदाकिनीसलिलचन्दनचर्चिताय नन्दीश्वरप्रमथनाथ महेश्वराय ।

मण्दारपुष्पबहुपुष्पसुपूजिताय तस्मै मकाराय नम:शिवाय ॥ 2 ॥



शिवाय गौरीवदनाब्जवृन्दसूर्याय दक्षाध्वरनाशकाय ।

श्रीनीलकण्ठाय बृषध्वजाय तस्मै शिकाराय नम:शिवाय ॥ 3 ॥



वसिष्ठकुम्भोद्भवगौतमार्यमुनीन्द्रदेवार्चितशेखराय ।

चन्द्रार्कवैश्वानरलोचनाय तस्मै वकाराय नम:शिवाय ॥ 4 ॥



यक्षस्वरूपाय जटाधराय पिनाकहस्ताय सनातनाय ।

दिव्याय देवाय दिगम्बराय तस्मै यकाराय नम:शिवाय ॥ 5 ॥



पञ्चाक्षरिमदं पुण्यं य: पठेच्छिवसन्निधौ ।

शिवलोकमवाप्नोति शिवेन सह मोदते ॥ 6 ॥

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