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Sunday, February 7, 2016

जो स्वंय अच्छा


परम पूज्य सुधांशुजी महाराज 

जिनका आज जनम दिन या विवहा की सालगिरह है 

उनको  को आशीर्वाद देते हुए 


जो स्वंय अच्छा नहीं कर सकते वे दूसरों की आलोचना करते रहते हैं। लेकिन जो स्वंय करने में सक्षम हैं वे तो स्वंय करके आदर्श स्थापित करते हैं ।

Saturday, February 6, 2016

अगर आप


परम पूज्य सुधांशुजी महाराज 

जिनका आज जनम दिन या विवहा की सालगिरह है 

उनको  को आशीर्वाद देते हुए 

अगर आप अपनी दृष्टि में स्वंय को ऊँचा देखना चाहते हो तो ऊँचाई की बात सोचना शुरु कर दीजिए। अपनी कल्पनाओं को ऊँचा उठाइए।




Thursday, February 4, 2016

रोने वाले के



परम पूज्य सुधांशुजी महाराज 

जिनका आज जनम दिन या विवहा की सालगिरह है 

उनको  को आशीर्वाद देते हुए 

रोने वाले के साथ कोई रोने को तयार नहीं होता हँसने वाले के साथ सब हो जाते हैं !

Fwd:


---------- Forwarded message ----------
From: Madan Gopal Garga <mggarga2013@gmail.com>
Date: 2016-02-04 8:36 GMT+05:30
Subject:
To: Madan Gopal Garga <mggarga@gmail.com>


🙏 गायत्री मंत्र कब  ज़रूरी है
☀सुबह उठते वक़्त 8 बार ❕✋✌👆❕अष्ट कर्मों को जीतने के लिए !!

🍚🍜 भोजन के समय 1 बार❕👆❕ अमृत समान भोजन प्राप्त होने के लिए  !!                         

🚶 बाहर जाते समय 3 बार ❕✌👆❕समृद्धि सफलता और सिद्धि के लिए    !!  

👏 मन्दिर में 12 बार ❕👐✌❕
प्रभु के गुणों को याद करने के लिए !!      

😢छींक आए तब गायत्री मंत्र  उच्चारण ☝1 बार  अमंगल दूर करने के लिए !!
                                        
सोते समय 🌙 7 बार  ❕✋✌ ❕सात प्रकार के भय दूर करने के लिए !!                                 

कृपया सभी बन्धुओं को प्रेषित करें 👏👏  !!!ॐ , ओउम् तीन अक्षरों से बना है।
अ उ म् ।
"अ" का अर्थ है उत्पन्न होना,

"उ" का तात्पर्य है उठना, उड़ना अर्थात् विकास,

"म" का मतलब है मौन हो जाना अर्थात् "ब्रह्मलीन" हो जाना।

ॐ सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति और पूरी सृष्टि का द्योतक है।

ॐ का उच्चारण शारीरिक लाभ प्रदान करता है।

जानीए

ॐ कैसे है स्वास्थ्यवर्द्धक
और
अपनाएं आरोग्य के लिए ॐ के उच्चारण का मार्ग...

1. ॐ और थायराॅयडः-
ॐ का उच्‍चारण करने से गले में कंपन पैदा होती है जो थायरायड ग्रंथि पर सकारात्मक प्रभाव डालता है।

2. ॐ और घबराहटः-
अगर आपको घबराहट या अधीरता होती है तो ॐ के उच्चारण से उत्तम कुछ भी नहीं।

3. ॐ और तनावः-
यह शरीर के विषैले तत्त्वों को दूर करता है, अर्थात तनाव के कारण पैदा होने वाले द्रव्यों पर नियंत्रण करता है।

4. ॐ और खून का प्रवाहः-
यह हृदय और ख़ून के प्रवाह को संतुलित रखता है।

5. ॐ और पाचनः-
ॐ के उच्चारण से पाचन शक्ति तेज़ होती है।

6. ॐ लाए स्फूर्तिः-
इससे शरीर में फिर से युवावस्था वाली स्फूर्ति का संचार होता है।

7. ॐ और थकान:-
थकान से बचाने के लिए इससे उत्तम उपाय कुछ और नहीं।

8. ॐ और नींदः-
नींद न आने की समस्या इससे कुछ ही समय में दूर हो जाती है। रात को सोते समय नींद आने तक मन में इसको करने से निश्चिंत नींद आएगी।

9. ॐ और फेफड़े:-
कुछ विशेष प्राणायाम के साथ इसे करने से फेफड़ों में मज़बूती आती है।

10. ॐ और रीढ़ की हड्डी:-
ॐ के पहले शब्‍द का उच्‍चारण करने से कंपन पैदा होती है। इन कंपन से रीढ़ की हड्डी प्रभावित होती है और इसकी क्षमता बढ़ जाती है।

11. ॐ दूर करे तनावः-
ॐ का उच्चारण करने से पूरा शरीर तनाव-रहित हो जाता है।

आशा है आप अब कुछ समय जरुर ॐ का उच्चारण  करेंगे।

🙏🙏


Wednesday, February 3, 2016

स्मरण योग्य शुभ सुंदर मंत्र। संग्रह

30/01/2016, 3:36 PM - ‪+91 92533 00888‬: 🌅🔔🌿प्रतिदिन स्मरण योग्य शुभ सुंदर मंत्र। संग्रह      🔹 प्रात: कर-दर्शनम्🔹    कराग्रे वसते लक्ष्मी करमध्ये सरस्वती।  करमूले तू गोविन्दः प्रभाते करदर्शनम्॥             🔸पृथ्वी क्षमा प्रार्थना🔸    समुद्र वसने देवी पर्वत स्तन मंडिते।  विष्णु पत्नी नमस्तुभ्यं पाद स्पर्शं क्षमश्वमेव॥    🔺त्रिदेवों के साथ नवग्रह स्मरण🔺    ब्रह्मा मुरारिस्त्रिपुरान्तकारी भानु: शशी भूमिसुतो बुधश्च।  गुरुश्च शुक्र: शनिराहुकेतव: कुर्वन्तु सर्वे मम सुप्रभातम्॥                  ♥ स्नान मन्त्र ♥    गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वती।  नर्मदे सिन्धु कावेरी जले अस्मिन् सन्निधिम् कुरु॥               🌞 सूर्यनमस्कार🌞    ॐ सूर्य आत्मा जगतस्तस्युषश्च  आदित्यस्य नमस्कारं ये कुर्वन्ति दिने दिने।  दीर्घमायुर्बलं वीर्यं व्याधि शोक विनाशनम्   सूर्य पादोदकं तीर्थ जठरे धारयाम्यहम्॥    ॐ मित्राय नम:  ॐ रवये नम:  ॐ सूर्याय नम:  ॐ भानवे नम:  ॐ खगाय नम:  ॐ पूष्णे नम:  ॐ हिरण्यगर्भाय नम:  ॐ मरीचये नम:  ॐ आदित्याय नम:  ॐ सवित्रे नम:  ॐ अर्काय नम:  ॐ भास्कराय नम:  ॐ श्री सवितृ सूर्यनारायणाय नम:    आदिदेव नमस्तुभ्यं प्रसीदमम् भास्कर।  दिवाकर नमस्तुभ्यं प्रभाकर नमोऽस्तु ते॥                    🔥दीप दर्शन🔥    शुभं करोति कल्याणम् आरोग्यम् धनसंपदा।  शत्रुबुद्धिविनाशाय दीपकाय नमोऽस्तु ते॥    दीपो ज्योति परं ब्रह्म दीपो ज्योतिर्जनार्दनः।  दीपो हरतु मे पापं संध्यादीप नमोऽस्तु ते॥                🌷 गणपति स्तोत्र 🌷    गणपति: विघ्नराजो लम्बतुन्ड़ो गजानन:।  द्वै मातुरश्च हेरम्ब एकदंतो गणाधिप:॥  विनायक: चारूकर्ण: पशुपालो भवात्मज:।  द्वादश एतानि नामानि प्रात: उत्थाय य: पठेत्॥  विश्वम तस्य भवेद् वश्यम् न च विघ्नम् भवेत् क्वचित्।    विघ्नेश्वराय वरदाय शुभप्रियाय।  लम्बोदराय विकटाय गजाननाय॥  नागाननाय श्रुतियज्ञविभूषिताय।  गौरीसुताय गणनाथ नमो नमस्ते॥    शुक्लाम्बरधरं देवं शशिवर्णं चतुर्भुजं।  प्रसन्नवदनं ध्यायेतसर्वविघ्नोपशान्तये॥            ⚡आदिशक्ति वंदना ⚡    सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके।  शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥               🔴 शिव स्तुति 🔴    कर्पूर गौरम करुणावतारं,  संसार सारं भुजगेन्द्र हारं।  सदा वसंतं हृदयार विन्दे,  भवं भवानी सहितं नमामि॥                  🔵 विष्णु स्तुति 🔵    शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं  विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्ण शुभाङ्गम्।  लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यम्  वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्॥                ⚫ श्री कृष्ण स्तुति ⚫    कस्तुरी तिलकम ललाटपटले, वक्षस्थले कौस्तुभम।  नासाग्रे वरमौक्तिकम करतले, वेणु करे कंकणम॥  सर्वांगे हरिचन्दनम सुललितम, कंठे च मुक्तावलि।  गोपस्त्री परिवेश्तिथो विजयते, गोपाल चूडामणी॥    मूकं करोति वाचालं पंगुं लंघयते गिरिम्‌।  यत्कृपा तमहं वन्दे परमानन्द माधवम्‌॥                ⚪ श्रीराम वंदना ⚪    लोकाभिरामं रणरंगधीरं राजीवनेत्रं रघुवंशनाथम्।  कारुण्यरूपं करुणाकरं तं श्रीरामचन्द्रं शरणं प्रपद्ये॥                   ♦श्रीरामाष्टक♦    हे रामा पुरुषोत्तमा नरहरे नारायणा केशवा।  गोविन्दा गरुड़ध्वजा गुणनिधे दामोदरा माधवा॥  हे कृष्ण कमलापते यदुपते सीतापते श्रीपते।  बैकुण्ठाधिपते चराचरपते लक्ष्मीपते पाहिमाम्॥        🔱 एक श्लोकी रामायण 🔱    आदौ रामतपोवनादि गमनं हत्वा मृगं कांचनम्।  वैदेही हरणं जटायु मरणं सुग्रीवसम्भाषणम्॥  बालीनिर्दलनं समुद्रतरणं लंकापुरीदाहनम्।  पश्चाद्रावण कुम्भकर्णहननं एतद्घि श्री रामायणम्॥               🍁सरस्वती वंदना🍁    या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता।  या वींणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपदमासना॥  या ब्रह्माच्युतशङ्करप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता।  सा माम पातु सरस्वती भगवती   निःशेषजाड्याऽपहा॥                🔔हनुमान वंदना🔔    अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहम्‌।  दनुजवनकृषानुम् ज्ञानिनांग्रगणयम्‌।  सकलगुणनिधानं वानराणामधीशम्‌।  रघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि॥    मनोजवं मारुततुल्यवेगम जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठं।  वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरणम् प्रपद्ये॥             🌹 स्वस्ति-वाचन 🌹     ॐ स्वस्ति न इंद्रो वृद्धश्रवाः  स्वस्ति नः पूषा विश्ववेदाः।  स्वस्ति नस्तार्क्ष्यो अरिष्ट्टनेमिः  स्वस्ति नो बृहस्पतिर्दधातु॥                ❄ शांति पाठ ❄    ऊँ पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात्‌ पूर्णमुदच्यते।  पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते॥    ॐ द्यौ: शान्तिरन्तरिक्ष (गुँ) शान्ति:,  पृथिवी शान्तिराप: शान्तिरोषधय: शान्ति:।  वनस्पतय: शान्तिर्विश्वे देवा: शान्तिर्ब्रह्म शान्ति:,  सर्व (गुँ) शान्ति:, शान्तिरेव शान्ति:, सा मा शान्तिरेधि॥     ॥ॐ शान्ति: शान्ति: शान्ति:॥   🌅🌿🍁🌻🔔🚩  बहुत ही सुंदर संग्रह  इसे हर हिन्दू को अपने 'saver' में डाले या प्रिंट आउट ले । ऐसा संग्रह सरलता से नही मिलता ।   एक प्रति परिवार के बच्चों को भी दे ।   🌾🌻🌹🍀🌄🌘🔔🌻

Tuesday, February 2, 2016

भगवान ने



परम पूज्य सुधांशुजी महाराज 

जिनका आज जनम दिन या विवहा की सालगिरह है 

उनको  को आशीर्वाद देते हुए 


भगवान ने आपको दुनियाँ के लाखों करोड़ो लोगों से अलग बनाया है, वह हर किसी से कुछ अलग ही चाहता है, कुछ खास